टूटा पुल, बंद हुआ रास्ता… मितानिन बनी मसीहा, महिला को पीठ पर उठाकर नदी पार पहुंचाया अस्पताल

Madhya Bharat Desk
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जशपुर, छत्तीसगढ़:

बारिश के कहर के बीच एक मितानिन ने जिस तरह से सेवा और समर्पण की मिसाल पेश की, वह दिल को छू लेने वाली है। जशपुर जिले के मनोरा ब्लॉक के सतालूटोली गांव में एक गर्भवती महिला को डिलीवरी के बाद अस्पताल ले जाने के लिए जब कोई साधन उपलब्ध नहीं था, तब गांव की मितानिन बिफनी बाई ने इंसानियत की मिसाल पेश की।

यह मामला 2 जुलाई का है। संगीता बाई नामक महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन भारी बारिश की वजह से गांव की पुलिया बह गई और कीचड़ भरे कच्चे रास्ते के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे कठिन हालात में मितानिन बिफनी बाई ने महिला की घर पर सुरक्षित डिलीवरी करवाई।

अगले दिन जब महिला और नवजात को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाना जरूरी हुआ, तब कोई दूसरा रास्ता न देख बिफनी बाई ने संगीता को अपनी पीठ पर उठाया, और साथ चल रही एक अन्य महिला ने बच्चे को गोद में लिया। तीनों ने नदी पार की और लगभग डेढ़ किलोमीटर का सफर पैदल तय कर सोनक्यारी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और मितानिन के जज़्बे की सराहना की। यह घटना बताती है कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में मितानिनों की भूमिका कितनी अहम और प्रेरणादायक है।

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