ओडिशा के गंजाम ज़िले में अनुसूचित जाति के दो व्यक्तियों के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त रुख अपनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए NHRC ने राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो दलित युवकों पर कथित रूप से मवेशियों की अवैध तस्करी का शक जताया गया, जिसके बाद उन्हें बेरहमी से पीटा गया। यही नहीं, उन्हें घास खाने और नाली का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि पीड़ितों के मोबाइल फोन छीन लिए गए और जबरन उनके सिर भी मुंडवा दिए गए।
बताया जा रहा है कि यह क्रूरता एक अन्य समुदाय के कुछ लोगों द्वारा की गई, जो कि जातीय भेदभाव का गंभीर मामला प्रतीत होता है। NHRC ने इसे मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है और कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही हैं, तो यह संवैधानिक अधिकारों की सीधी अनदेखी है।
आयोग ने ओडिशा के मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि वे आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई, पीड़ितों को दी गई सहायता और मुआवज़े की जानकारी सहित पूरी रिपोर्ट पेश करें।



