रायपुर।छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर सरकार और पटवारी संघ के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। 13 अक्टूबर से जारी हड़ताल के बीच राजस्व विभाग अब हड़ताली पटवारियों पर ESMA लगाने की तैयारी में है। सरकार की ओर से दिए गए अल्टीमेटम की समयसीमा खत्म होने में महज 24 घंटे बाकी हैं, जिसके बाद बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
150 से अधिक पटवारी निलंबित
हड़ताल के दौरान प्रदेशभर में पटवारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है। जानकारी के अनुसार अब तक 150 से अधिक पटवारियों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि 1,000 से ज्यादा पटवारियों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी किया गया है।
कार्रवाई की जद में छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप भी शामिल हैं, जिन्हें निलंबित कर दिया गया है। वहीं, विभिन्न जिलों में SDM के माध्यम से हड़ताल पर बैठे पटवारियों को कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं।
हड़ताल की वजह और असर
पटवारी संघ चार सूत्रीय मांगों को लेकर 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। संघ की प्रमुख मांगों में फसल सत्यापन के लिए लागू PV ऐप की तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान, वेतन विसंगति दूर करना, पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करना तथा पटवारियों पर हो रही निलंबन और नोटिस की कार्रवाई रोकना शामिल है।
लंबे समय से जारी आंदोलन के कारण प्रदेश की तहसीलों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहा है। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, नामांतरण, बंटवारा, गिरदावरी और किसान पंजीयन जैसे कार्यों में देरी से आम लोगों को परेशानी हो रही है।
सरकार का सख्त रुख, संघ की दृढ़ता
सरकार ने हड़ताल खत्म कराने के लिए पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने पटवारियों से हड़ताल समाप्त कर बातचीत के लिए आगे आने की अपील की है, लेकिन पटवारी संघ ने साफ कहा है कि वह मांगों पर समझौता नहीं करेगा।
पटवारी संघ का कहना है कि मांगों के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई और इसके बजाय पदाधिकारियों समेत पटवारियों पर दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। संघ ने निलंबन, नोटिस और तबादले की कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।
अगले 24 घंटे अहम
अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। अल्टीमेटम की समयसीमा पूरी होने के बाद क्या सरकार ESMA लागू करेगी या दोनों पक्षों के बीच बातचीत से कोई रास्ता निकलेगा, यही आने वाले 24 घंटों में तय हो सकता है। धान खरीदी की तैयारियों के मद्देनजर इस विवाद का समाधान जल्द होना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।





