धमतरी। जिले के पोटियाडीह गांव में युवक को धर्म परिवर्तन के लिए कथित रूप से दबाव डालने और मानसिक रूप से परेशान करने के मामले में अदालत ने पांच लोगों को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना भास्कर ने सभी दोषियों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास और 500-500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
दोषियों में मृतक की पत्नी करुणा साहू, सास गौरी साहू, ससुर राजकुमार साहू, डेढ़सास किरण साहू और साली कनिष्का साहू शामिल हैं। सभी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अभियोजन के अनुसार, लीनेश कुमार साहू का विवाह सितंबर 2023 में करुणा साहू से हुआ था। शादी के करीब तीन-चार महीने बाद से पत्नी और उसके मायके पक्ष के लोग लीनेश और उसके माता-पिता पर दूसरे धर्म को अपनाने के लिए दबाव बनाने लगे। आरोप है कि इनकार करने पर उनके साथ विवाद किया जाता था।
6 दिसंबर 2024 की रात से 7 दिसंबर की सुबह के बीच लीनेश ने अपने घर की ऊपरी मंजिल के कमरे में वेंटिलेशन से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर अर्जुनी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक का मोबाइल मिला। उसमें लीनेश ने आत्महत्या की वजह पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए बनाए जा रहे दबाव को बताया था। उसने यह बात व्हाट्सऐप स्टेटस पर लिखने के साथ ही अपने बहनोई गुलशन साहू को भी भेजी थी। पुलिस ने मोबाइल और व्हाट्सऐप संदेशों के स्क्रीनशॉट जब्त कर पंचनामा तैयार किया।
पुलिस ने मृतक के परिजनों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। विवेचना के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने पांचों आरोपितों को दोषी माना।
अदालत ने रायपुर निवासी राजकुमार साहू, गौरी साहू, किरण साहू और कनिष्का साहू के साथ पोटियाडीह निवासी करुणा साहू को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा दी।





