रायपुर।छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का भारी बकाया सामने आया है। जून 2026 तक सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों पर कुल 3,035 करोड़ 37 लाख रुपये का बिजली बिल बाकी है। बकाया वसूली के लिए अब बिजली कंपनी ने सख्ती शुरू कर दी है और कई सरकारी संस्थानों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, कुल बकाया राशि का करीब 85 फीसदी हिस्सा नगरीय प्रशासन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ा है। बिजली कंपनी ने पुराने बकाए की वसूली के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।
कोंडागांव में 39 सरकारी संस्थानों के कनेक्शन कटे
कोंडागांव जिले में बिजली कंपनी ने बकाया बिल नहीं चुकाने पर 39 सरकारी संस्थानों के बिजली कनेक्शन काट दिए। इनमें पुलिस, कोर्ट, राजस्व, वन, परिवहन, कृषि और शिक्षा विभाग के कार्यालय भी शामिल हैं।
हालांकि आम लोगों की सुविधा को देखते हुए पंप हाउस और स्ट्रीट लाइट के बिजली कनेक्शन फिलहाल चालू रखे गए हैं।
नगरीय निकायों पर सबसे ज्यादा बकाया
आंकड़ों के अनुसार नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के 19,060 कनेक्शनों पर करीब 1,525 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। पुराने बकाए को चुकाने के लिए चार समान किश्तों में भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, 1 अगस्त 2026 से सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था भी लागू की जा चुकी है, ताकि आगे बिजली बिल का बकाया बढ़ने से रोका जा सके।
बिजली निजीकरण पर CM ने साफ किया रुख
इधर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिजली वितरण के निजीकरण से जुड़ी खबरों को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि सरकार के पास बिजली वितरण के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है और बिजली विभाग के कर्मचारियों की सेवाएं सुरक्षित रहेंगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब आम उपभोक्ता का बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन काट दिया जाता है, तो सरकारी विभागों से करोड़ों रुपये के इस बकाए की वसूली कितनी सख्ती से होगी?







