55 लाख एकड़ आदिवासी, वन और शासकीय भूमि की जांच की मांग, संयुक्त किसान मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Madhya Bharat Desk
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छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को राज्य आंदोलनकारी प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे के नेतृत्व में कबीरधाम कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ प्रदेश में कथित रूप से 55 लाख एकड़ आदिवासी भूमि, वन भूमि और शासकीय भूमि के अवैध हस्तांतरण एवं बिक्री के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई गई।

मोर्चा का दावा है कि प्रदेश में आदिवासी, वन एवं शासकीय भूमि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ है, जिससे भूमाफियाओं और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचा तथा गरीब, आदिवासी और किसान वर्ग का शोषण हुआ। संगठन ने इस मामले में राष्ट्रपति और राज्यपाल को भी शपथपत्र सहित प्रमाणित शिकायत भेजे जाने का उल्लेख करते हुए दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में किसानों ने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना लागू होने के बाद बिजली बिलों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने कृषि कार्यों के लिए पारदर्शी बिजली बिल व्यवस्था लागू करने और पुरानी प्रणाली बहाल करने की मांग की।

इसके अलावा बुवाई के समय खाद और बीज की कमी तथा कालाबाजारी रोकने, सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी रखी गई।

मोर्चा ने फसल बीमा योजना को किसान हितैषी बनाने, प्राकृतिक आपदा से नुकसान की स्थिति में पारदर्शी सर्वे कर 15 दिनों के भीतर मुआवजा किसानों के खातों में देने की मांग की।

शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों तक करने की मांग करते हुए कहा गया कि प्रत्येक विकासखंड में नए स्कूल खोले जाएं ताकि ग्रामीण विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

ज्ञापन में अल्पकालीन कृषि ऋण माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य में लागत का डेढ़ गुना मूल्य, कृषि उपकरणों पर सब्सिडी तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जर्जर सड़कों की मरम्मत और अधूरे कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने की भी मांग की गई।

राज्य आंदोलनकारी प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर सरकार ने मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो संयुक्त किसान मोर्चा पूरे प्रदेश में चरणबद्ध और उग्र आंदोलन शुरू करेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर शासन तक मांगों को पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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