जगदलपुर।बस्तर संभाग में एक ऐसा फारेस्ट गार्ड सामने आया है, जो हर महीने करीब 43 हजार रुपए वेतन पाता है, लेकिन आज वह करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन चुका है। गांव में उसका आलीशान बंगला भी बना हुआ है। इस वनरक्षक पर तंत्र-मंत्र, झाड़फूंक और पूजा-पाठ के नाम पर एक महिला से करीब डेढ़ करोड़ रुपए ठगने का आरोप है। मामला अब छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग तक पहुंच गया है।
पीड़ित महिला की शिकायत पर सुनवाई के बाद महिला आयोग ने प्रशासन और पुलिस को फारेस्ट गार्ड की संपत्ति की जांच करने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला सुकमा और बीजापुर जिले से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, प्रभारी सदस्य दीपिका शोरी और सह प्रभारी ओजस्वी मंडावी ने सुकमा कलेक्ट्रेट में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई की। प्रदेश स्तर पर 406 और जिले के 10 मामलों पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान एक महिला ने बताया कि आरोपियों ने झाड़फूंक, तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर करीब 7 साल तक उसे धोखे में रखा और उससे लगभग डेढ़ करोड़ रुपए ले लिए। महिला का आरोप है कि इसी रकम से आरोपियों ने जमीन खरीदी, मकान बनाया और एक अन्य जमीन के दस्तावेज भी अपने पास रख लिए।
महिला ने बताया कि आरोपियों में से एक कांगेर घाटी में वन रक्षक के पद पर पदस्थ है। उसका मासिक वेतन करीब 43 हजार रुपए है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी बड़ी संपत्ति उसने कैसे बनाई? शासन की अनुमति के बिना इतनी जमीन कैसे खरीदी गई? कुसुमपाल आड़ावाल में 40 से 50 लाख रुपए का मकान कैसे बन गया?
महिला के मुताबिक पहले आरोपी ने आई-10 कार खरीदी और अब लग्जरी कार तक ले ली है। आरोप है कि महिला को डराकर-धमकाकर दोनों आरोपियों ने बड़ी संपत्ति खड़ी कर ली।
महिला आयोग ने इस मामले में एडीएम सीपी बघेल को निर्देश दिया है कि आरोपियों की पूरी संपत्ति की जांच और मूल्यांकन करें। साथ ही फारेस्ट विभाग से संपत्ति खरीद से जुड़े दस्तावेजों की रिपोर्ट एक महीने के भीतर आयोग को भेजी जाए।
आयोग ने एसपी जगदलपुर को भी निर्देश दिया है कि डेढ़ करोड़ रुपए की ठगी के मामले में जांच कर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। एडीएम की जांच रिपोर्ट के बिंदुओं को भी एफआईआर में शामिल करने को कहा गया है। दोनों अधिकारियों को एक महीने के भीतर रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी।
7 साल तक शोषण, अब शादी की बात
एक अन्य मामले में आरोपी पर 7 साल से युवती का शारीरिक शोषण करने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब वह नाबालिग थी, तभी से आरोपी उसका शोषण कर रहा था। इस दौरान उसका गर्भपात भी कराया गया।
महिला आयोग के सामने आरोपी ने खुद कई बातें स्वीकार कीं। लंबे समय से वह शादी का झांसा देकर युवती का शोषण करता रहा। युवती आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराना चाहती थी।
आयोग ने सिटी कोतवाली जगदलपुर को आरोपी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद आरोपी ने आयोग के सामने युवती से शादी करने की बात कही। आरोपी के रिश्तेदारों ने भी आयोग के सामने शादी कराने की जिम्मेदारी ली।
युवती और उसके परिजनों ने कहा कि अगर आरोपी शादी करता है तो वे तैयार हैं, लेकिन अगर वह शादी से पीछे हटता है तो थाना तोंगपाल, सुकमा में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस मामले में महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी शादी की साक्षी रहेंगी। फिलहाल विवाह होने तक मामले को स्थगित रखा गया है।




