जगदलपुर। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जगदलपुर में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभाग की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि बस्तर के विकास में शिक्षा की बड़ी भूमिका है। इसके लिए अंदरूनी इलाकों के स्कूलों को फिर से बेहतर बनाना जरूरी है। साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने, नियमित उपस्थिति और अच्छा शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए लगातार निगरानी जरूरी है।
मंत्री यादव ने कहा कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्कूलों में खासतौर पर गणित, अंग्रेजी और हिंदी पर फोकस किया जाए। साथ ही तय कैलेंडर के अनुसार स्कूलवार और विषयवार पढ़ाई कराई जाए तथा नियमित रिवीजन टेस्ट भी लिए जाएं।
बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, संयुक्त संचालक एचआर सोम, जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल सहित सभी जिलों के शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।

समीक्षा के दौरान आधार बेस ऐप से अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति और वीएसके ऐप में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जानकारी ली गई। ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन स्कूलों में नेटवर्क की समस्या है, उनकी सूची कलेक्टर के जरिए उपलब्ध कराने को कहा गया।
होगी अटैच्ड कर्मियों की वापसी
शिक्षा मंत्री ने दूसरे विभागों में पदस्थ शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी मूल पोस्टिंग पर वापस भेजने के निर्देशों की समीक्षा की। उन्होंने प्राथमिक स्कूलों की जरूरत, नए स्कूलों की आवश्यकता और बंद स्कूलों को फिर से शुरू करने की योजना पर चर्चा की।
बैठक में बोर्ड और वार्षिक परीक्षा परिणामों की भी समीक्षा हुई। जिलों के पोटा केबिन में दूसरे जिलों के बच्चों को एडमिशन देने के निर्देश दिए गए। साथ ही बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर यूनिट टेस्ट और तिमाही परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी को कमजोर स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर जरूरी कदम उठाने को कहा। बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति, ड्रॉपआउट, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों और युक्तियुक्तकरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
इसके अलावा स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्ययोजना, छात्रवृत्ति, गणवेश वितरण, पाठ्यपुस्तक वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह भोजन, न्यौता भोजन और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर जरूरी निर्देश दिए गए।

ध्वस्त किए जाएंगे जर्जर भवन
मंत्री यादव ने स्वामी आत्मानंद स्कूलों को पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों को नियम अनुसार गिराने और छोटे-छोटे जरूरी कार्यों के लिए उपलब्ध बजट का सही उपयोग करने के निर्देश दिए।
साथ ही पाठ्यपुस्तकों का 100 प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने और स्कूलों में बची हुई किताबों का पूरा रिकॉर्ड रखने को कहा गया। अधिकारियों ने मंत्री को संभाग में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक से पहले शिक्षा मंत्री ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती सायकल योजना के तहत छात्राओं को निःशुल्क सायकल और गिफ्ट वितरित किए तथा उन्हें मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।




