लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज हो गई है। इसी कड़ी में बस्तर के जगदलपुर शहर में एसडीआरएफ की टीम ने कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया, जिसमें चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई।
एसडीआरएफ ने शहर के 20 कोचिंग सेंटरों की जांच की, जिनमें से 18 संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। कई सेंटरों में अग्निशमन यंत्र केवल औपचारिकता के लिए रखे गए थे, जबकि कुछ जगहों पर फायर एक्सटिंग्विशर तक मौजूद नहीं थे।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई कोचिंग सेंटरों में आपातकालीन निकासी (फायर एग्जिट) की व्यवस्था नहीं है। इमरजेंसी के दौरान छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम भी नदारद मिले।
एसडीआरएफ ने सभी 18 कोचिंग सेंटर संचालकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि तय समय में व्यवस्था नहीं सुधारने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो चुकी है और शहर के कई कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। विभाग ने स्वीकार किया कि अब तक इन संस्थानों का निरीक्षण नहीं किया गया है, लेकिन जल्द ही एक टीम गठित कर सभी कोचिंग सेंटरों की जांच कराई जाएगी।
लखनऊ हादसे के बाद भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और कोचिंग संचालकों की जिम्मेदारी अब जांच के दायरे में है।





