महासमुंद।प्रदेश के महासमुंद जिले में जारी अवैध करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड अवैध नूतन आयरन एवं प्राइवेट लिमिटेड हजारों एकड़ शासकीय सम्पत्ति, आदिवासी भूमि और काबिल कास्त भूमि पर कूटरचित दस्तावेजों से चल रही है जिसका आंदोलनकारी अनिल दुबे के शिकायत पर पटवारी से लेकर कलेक्टर तक जो इसमें संलिप्त है उनपर विभागीय जांच शुरू हो चुकी है।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा, सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज, छसपा, छबेस के पदाधिकारियों और समस्त किसानों द्वारा लगातार किया जा रहा विरोध लगातार जारी है जिसका नेतृत्व छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य आंदोलनकारी अनिल दुबे द्वारा किया जा रहा है।
आन्दोलनकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषी पाए जाने पर जिस प्रकार बंगाल की जनता भूतपूर्व विधायक, नेताओं को अंडो से पीट रही है उसी तरह से छत्तीसगढ़ की जनता भ्रष्टाचारी अधिकारियों को अंडों से पीटेगी और मुंह पर कालिक पोतकर उसका विरोध करेगी।
आन्दोलनकारियों का आरोप है कि महासमुंद में एसडीएम भागवत जायसवाल, उमेश साहू, नायब तहसीलदार खीरसागर बघेल, श्रीधर पंडा, पटवारी धर्मेंद्र मन्नाडे, कलेक्टर विनय लहंगे यह सब भ्रष्ट अधिकारी है जो शासकीय सम्पत्ति, आदिवासी भूमि, काबिल कास्त भूमि को गिरोह बनाकर बेच रहे है। किसान संगठनों और आंदोलनकारीयो का मांग है कि इन बाहरी शोषकों पर कार्रवाई कर इनको जेल भेजा जाए।
आरोप है कि अवैध करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड अवैध नूतन आयरन एवं प्राइवेट लिमिटेड के मालिक निर्णय चौधरी, अशोक चौधरी द्वारा झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर सशर्त डायवर्सन जो समाप्त हो गया है इस प्रकरण में प्रदूषण विभाग से एनओसी निर्णय चौधरी द्वारा लिया गया है वह भी फर्जी है।
इस पर अनिल दुबे के नेतृत्व में बुधवार को 5 सदस्यीय टीम पूरे कूटरचित दस्तावेजों ( जिस पर प्रशासन की विभागीय जांच चल रही है) को मंत्रालय को दोबारा सौंपेंगे।





