कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव नतीजों के बाद घमासान मच गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हार मानने के बावजूद कुर्सी छोड़ने से इनकार कर दिया है, जिससे मामला और गरमा गया है।
ममता बनर्जी का कहना है कि उनकी पार्टी हारी नहीं, बल्कि उन्हें हराया गया है। उन्होंने भारत का निर्वाचन आयोग और भाजपा पर मिलकर खेल करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि करीब 100 सीटें उनसे “छीन ली गईं” और मतगणना के दौरान गड़बड़ी हुई।
उन्होंने भावुक अंदाज़ में कहा कि उनके साथ बदसलूकी भी की गई और उन्हें जबरदस्ती हटाया गया। उनके इस बयान के बाद सियासत और तेज हो गई है।
संवैधानिक जानकारों का कहना है कि भले ही मुख्यमंत्री इस्तीफा न दें, लेकिन नई सरकार बनने की प्रक्रिया पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। राज्यपाल चाहें तो मौजूदा सरकार को हटाकर बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं।
इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताते हुए भाजपा पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
वहीं भाजपा ने सरकार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। अमित शाह और जेपी नड्डा को पर्यवेक्षक बनाकर विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
इस पूरे मामले पर भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस अब बंगाल में वापसी नहीं कर पाएगी। उनकी इस टिप्पणी पर अनुपम खेर ने भी हल्के-फुल्के अंदाज़ में प्रतिक्रिया दी।



