आम आदमी पार्टी (AAP) में शुक्रवार को उस वक्त बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया, जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ AAP के कुल 7 सांसद हैं, जिन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजेंद्र गुप्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए AAP से अलग होने का फैसला लिया।
“AAP अब सिद्धांतों पर नहीं, निजी फायदे पर चल रही” – राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने भावुक अंदाज में कहा,
“जिस पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा, वह आज अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। मैंने अपनी जवानी के 15 साल इस पार्टी को दिए, लेकिन अब यह पार्टी राष्ट्रहित की बजाय निजी स्वार्थ में काम कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें महसूस हो रहा था कि वह “गलत पार्टी में सही इंसान” हैं, इसलिए अब जनता के बीच जाने का फैसला लिया है।
दो-तिहाई सांसद BJP में होंगे शामिल?
चड्ढा ने दावा किया कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सांसद उनके साथ हैं और संविधान के प्रावधानों के तहत वे BJP में विलय करेंगे। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह AAP के लिए संसद स्तर पर अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा।
संदीप पाठक का बयान
संदीप पाठक ने कहा,
“मैंने हमेशा पार्टी और अरविंद केजरीवाल को आगे रखा, लेकिन अब पार्टी अपने मूल रास्ते से भटक चुकी है। कार्यकर्ताओं की भावना को नजरअंदाज किया जा रहा है।”
राजनीतिक असर
इस घटनाक्रम ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। अगर AAP के सांसदों का यह समूह BJP में शामिल होता है, तो संसद में समीकरण बदल सकते हैं और विपक्षी एकता को बड़ा झटका लग सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि AAP नेतृत्व इस बगावत पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या यह राजनीतिक संकट आगे और गहराता है।


