सरकार पर आरोप है कि CAMPA फंड का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। वन्यजीवों के लिए जरूरी सुविधाएं, खासकर पानी की व्यवस्था, अब भी अधूरी है। जंगलों में तालाब तक नहीं बन पाए हैं, जिससे गर्मी के इस मौसम में जानवरों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ में राज्य CAMPA (Compensatory Afforestation Fund Management & Planning Authority) का गठन वनीकरण, वन्यजीव प्रबंधन, वन सुरक्षा और अधोसंरचना विकास के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
पानी की तलाश में वन्यजीव अब शहर और गांवों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार जिले के कोठारी गांव में हाथियों का एक झुंड पैंकरा तालाब में पानी पीते देखा गया। वहीं एक दंतैल हाथी अकेले सड़क पर घूमता नजर आया, जिसने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी।
मौके पर वन विभाग का अमला और हाथी मित्र मौजूद हैं, जो ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि जब करोड़ों का फंड मौजूद है, तो आखिर जंगलों में बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं पहुंच पा रही हैं?



