रायपुर। छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल में फर्जी दस्तावेजों के जरिए किए गए वित्तीय गड़बड़ी के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। लंबी जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत गोलबाजार थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट करीब 425 पन्नों की है, जिसे डिप्टी डायरेक्टर निधि ग्वालरे ने पुलिस को सौंपा।
एफआईआर में निलंबित रजिस्ट्रार दुर्गावती उसारे (कुंजाम) के साथ कांकेर जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर की सुरीला जैन, अंबागढ़ चौकी कॉलेज की काजोल साहू, जांजगीर-चांपा की वसंता कुमार और मंजू एमएल के नाम शामिल हैं।
जांच के दौरान काउंसिल के मैथ्यू फर्नाडिज और नरेंद्र देवांगन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इन पर तथ्य छिपाने, गलत जानकारी देने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं, जिसके चलते इनके खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
बताया जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए काउंसिल की रजिस्ट्रार दुर्गावती उसारे को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें पद से हटाकर रायपुर के सीएमएचओ कार्यालय में अटैच किया गया है।
इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी है।



