रायपुर। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक पर विभिन्न सामाजिक, किसान और छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल प्रदेश नेता एवं राज्य आंदोलनकारी अनिल दुबे ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों से करोड़ों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
अनिल दुबे ने कहा कि दिल्ली में छात्रों का आंदोलन उन्हें लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन की याद दिलाता है। उनके अनुसार, यदि छात्रों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस द्वारा सख्ती बरती जा रही है, जबकि सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने, पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
इस प्रदर्शन को छसपा, छबेस, छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा, सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज तथा छत्तीसगढ़ छात्र संघ सहित विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया।
कार्यक्रम में अनिल दुबे, पी. चंद्राकर, दीनदयाल वर्मा, लालाराम वर्मा, चेतन देवांगन, महेंद्र कौशिक, जगदंबिका साहू, छन्नू साहू, भुवन लाल, अंकित साहू, अशोक कश्यप, मुनू भाई पटेल, राधा सिन्हा, विमल ताम्रकार, शिवनारायण ताम्रकार, वेगेंद्र सोनबेर, श्यामू राम सेन, गंगाराम साहू, रूप सिंह निषाद, रितु महंत सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






