विकासनगर थाना क्षेत्र के विनायकपुरम झुग्गी बस्ती में बुधवार शाम करीब 4 बजे भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। आग के दौरान गैस सिलेंडरों और बाइकों के फ्यूल टैंकों में ताबड़तोड़ विस्फोट होने से पूरा इलाका दहल उठा।
इस अग्निकांड में करीब 1000 से अधिक झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई परिवारों के बच्चे झोपड़ियों में फंस गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि, बच्चों के अंदर फंसे होने की खबर से आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान सिविल डिफेंस के पोस्ट वार्डन ऋषि श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 8-10 अन्य लोग भी जख्मी हुए।
घटना की सूचना मिलते ही ब्रजेश पाठक, अग्निशमन विभाग के डीजी सुजीत पांडेय, पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर और डीएम विशाख जी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए लोगों को पास के मिनी स्टेडियम में शिफ्ट कराया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत देशी शराब ठेके के पास बनी एक कैंटीन से हुई, जिसके बाद आग ने तेजी से झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
अग्निकांड में लोगों की गृहस्थी, नकदी, शादी का सामान, दहेज और पालतू पशु भी जलकर राख हो गए। बताया जा रहा है कि बस्ती में रहने वाले अधिकांश लोग सीतापुर, लखीमपुर खीरी और बहराइच के रहने वाले हैं और पिछले 25-30 सालों से यहां रह रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।
दमकल की टीमें देर रात तक आग पर काबू पाने में जुटी रहीं। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है।







