छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध अफीम की खेती का एक और मामला सामने आया है। कुसमी क्षेत्र के बाद अब कोरंधा थाना क्षेत्र के खजूरी पंचायत में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम की फसल लगाए जाने की सूचना मिली है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि यह इलाका झारखंड की सीमा से सटा हुआ है, जिससे इस मामले में बाहरी लोगों की संलिप्तता की आशंका भी जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने दी पुलिस को सूचना
जानकारी के अनुसार, बुधवार देर शाम गांव के लोगों ने पुलिस को बताया कि खजूरी पंचायत के तुर्रापानी इलाके में संदिग्ध तरीके से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खेत का निरीक्षण किया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक यहां करीब डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर अफीम की फसल लगाई गई है।
तुर्रापानी पहाड़ी और अपेक्षाकृत सुनसान इलाका है, जहां सामान्य दिनों में लोगों की आवाजाही कम रहती है। यही वजह है कि यहां अवैध खेती लंबे समय तक छिपी रह सकती थी।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर उठाया मुद्दा
इस मामले को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि बलरामपुर जिले में यह अफीम की खेती मिलने की तीसरी घटना है। उन्होंने लिखा कि करौंधा के पास खजूरी पंचायत में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम की फसल पाई गई है।
पुलिस ने कहा—मामले की पुष्टि की जा रही
बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने फिलहाल इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि हाल ही में त्रिपुरी गांव में अफीम मिलने के बाद प्रशासन ने क्षेत्र के पटवारी और कोटवारों को सतर्क किया था। उसी दौरान खजूरी में भी ऐसी खेती की जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।
कुसमी में पहले ही बड़ी कार्रवाई
इससे पहले कुसमी क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और एफएसएल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब तीन एकड़ से अधिक जमीन पर उगाई गई अफीम की फसल जब्त की थी। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खड़ी फसल को उखाड़कर ट्रैक्टर के जरिए थाने लाया गया था।
पुलिस के मुताबिक करीब 3 एकड़ 67 डिसमिल जमीन पर अफीम की खेती की गई थी, जिसे 354 बोरों में भरकर जब्त किया गया। इसके अलावा पांच बोरे सूखे डोडा भी बरामद किए गए थे, जिनमें पोस्ता दाना मौजूद था। जांच के दौरान करीब दो किलो अफीम लेटेक्स भी बरामद हुआ था।
सात लोग हिरासत में, मुख्य सरगना फरार
कुसमी मामले में पुलिस ने खेत की देखरेख करने वाले जशपुर जिले के राझाडीपा निवासी भाजपा नेता और पूर्व सरपंच जिरमल राम को हिरासत में लिया था। इसके साथ ही जमीन लीज पर देने वाले ग्रामीण रूपदेव भगत और कौशल भगत को भी पकड़ा गया।
इसके अलावा झारखंड के चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना की तलाश जारी है और उसे पकड़ने के लिए टीम झारखंड रवाना की गई है।
अब खजूरी में मिली नई फसल को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध खेती के पीछे कौन लोग शामिल हैं।






