रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संग्राम सेनानी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने तुमगांव थाने में छत्तीसगढ़ी महतारी को बंदी बनाए जाने की घटना पर कड़ा आक्रोश जताया है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़िया अस्मिता पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि विष्णु देव साय सरकार के संरक्षण में हो रही ऐसी घटनाएं अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा और सर्व छत्तीसगढ़िया समाज की एक अहम बैठक रविवार को दोपहर 1 बजे रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ी भवन में आयोजित की जाएगी। बैठक में छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता यात्रा की रूपरेखा तय करने के साथ-साथ आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी।
प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने कहा कि राज्य में पूंजीपतियों द्वारा किसानों और स्थानीय समाज का शोषण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने अवैध करणी कृपा पावर प्रा. लि. और नूतन आयरन एंड पावर प्रा. लि. जैसी कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बैठक में महासमुंद जिले के कुछ प्रशासनिक अधिकारियों — जिलाधीश विनय कुमार लंगेह, तहसीलदार जुगल किशोर पटेल, मोहित कुमार अमिला और एसडीओपी अजय त्रिपाठी — पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी चर्चा होगी। किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि पूर्व जिलाधीश रानू साहू की तरह इन अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई की मांग को ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
अनिल दुबे ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसानों का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई है। बैठक में दाऊ जी.पी. चंद्राकर, जागेश्वर प्रसाद, दीनदयाल वर्मा, लालाराम वर्मा, छन्नूलाल साहू, विमल ताम्रकार, बृजबिहारी साहू, चेतन देवांगन, वेगेंद्र सोनवेर, शिव नारायण ताम्रकार, अशोक कश्यप और श्यामू सेन सहित कई वरिष्ठ किसान नेता मौजूद रहेंगे।



