8 साल लिव-इन, फिर कोर्ट मैरिज… अब SI पति का दोहरा चेहरा उजागर! BPSC टीचर बोलीं– गला दबाकर मारने की कोशिश की

Madhya Bharat Desk
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बिहार में इंटर-रिलिजन लव मैरिज का एक मामला गंभीर विवाद में बदल गया है। बिहार पुलिस में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर (SI) और बीपीएससी चयनित शिक्षिका के बीच तीन वर्ष पहले हुई शादी अब आरोप-प्रत्यारोप और हिंसा के दावों में उलझ चुकी है। शिक्षिका ने अपने पति पर न सिर्फ दूसरी शादी करने, बल्कि गला दबाकर हत्या की कोशिश करने तक का आरोप लगाया है। मामला अब बिहार राज्य महिला आयोग तक पहुंच चुका है, जहां सुनवाई 8 दिसंबर को तय की गई है।

शिक्षिका के अनुसार, शादी से पहले दोनों आठ साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। 2022 में कोर्ट मैरिज हुई और कुछ समय तक सब सामान्य रहा। लेकिन इसी वर्ष 13 अगस्त को उन्हें पता चला कि उनके पति ने गुपचुप तरीके से दूसरी शादी कर ली है। जब उन्होंने विरोध किया, तो कथित रूप से उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी हड्डियाँ कमजोर हो गईं और सर्वाइकल की समस्या भी बढ़ गई।

पीड़िता का कहना है कि पति लगातार उनका आर्थिक और मानसिक शोषण करता रहा। कई बार भोजन तक से वंचित रखा गया और धमकी दी गई कि जरूरत पड़ने पर उनकी हत्या करवा दी जाएगी। दूसरी शादी की जानकारी मिलने के बाद जब वह पहली बार 16 अगस्त को पति के घर गईं, तो घरवालों ने भी दो-टूक कह दिया कि “तुम भी रहो और दूसरी पत्नी भी रहेगी।” यह सुनकर शिक्षिका हतप्रभ रह गईं।

घटनाक्रम बढ़ने पर उन्होंने 19 अगस्त को सहरसा महिला थाने में आवेदन दिया। अगले दिन 20 अगस्त को मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधिकारियों को जांच के लिए प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बाद 16 सितंबर को उन्होंने आईजी मुजफ्फरपुर को भी आवेदन दिया। लेकिन जब कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्याय की उम्मीद लेकर महिला आयोग पहुंचीं।

महिला आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई की अगली तारीख 8 दिसंबर तय की है। आयोग की सदस्य के अनुसार, फिलहाल चुनावी व्यस्तता के कारण आरोपी पति ड्यूटी में हो सकते हैं, इसलिए सुनवाई चुनाव बाद रखी गई है। आयोग का कहना है कि पहली प्राथमिकता दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर समाधान निकालने की होगी ताकि यदि संभव हो तो पति-पत्नी साथ रह सकें।

यह मामला न सिर्फ एक दंपती के टूटते रिश्ते की तस्वीर दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे लव मैरिज और लिव-इन से शुरू हुआ रिश्ता गंभीर कानूनी और सामाजिक विवाद में बदल सकता है। अब सबकी निगाहें 8 दिसंबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस विवाद का आगे का रास्ता तय होगा।

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