सिरपुर बचाओ की हुंकार: 22 नवम्बर को पहुंचेगी ‘छत्तीसगढ़ महतारी’, अवैध उद्योगों पर किसान करेंगे तालेबंदी

Madhya Bharat Desk
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महासमुंद, 12 नवम्बर 2025।छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में अवैध करणी कृपा पावर प्रा.लि. और नूतन इस्पात एंड पावर प्रा.लि. के खिलाफ जारी सत्याग्रह आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। विश्व धरोहर स्थल सिरपुर को बचाने के संकल्प के साथ आंदोलनरत किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वे प्रशासनिक ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मुद्दे को लेकर मोर्चा ने 22 नवम्बर को महासमुंद कलेक्ट्रेट और मुख्यमंत्री कार्यालय, नया रायपुर में पहुंचकर अपनी मांगों को दोहराने का निर्णय लिया है।

आज खैरझिटी स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में हुई किसान सत्याग्रहियों की बैठक में राज्य आंदोलनकारी और किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता किसान नेता नंदकुमार साहू ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में प्रदेश किसान नेता वेगेद्र सोनवेर, छन्नुलाल साहू और सतमन साय शामिल हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए अनिल दुबे ने कहा कि “किसानों की जीत अदालत से भी मिल चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का इंतजार अब लंबा हो गया है। अवैध करणी कृपा उद्योगों द्वारा प्रदूषण फैलाकर किसानों की खेती और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अब किसान दिल्ली आंदोलन की तर्ज पर हाइवे पर बैठकर अवैध कारखाने के गेट पर तालेबंदी करेंगे।”

उन्होंने यह भी बताया कि 22 नवम्बर को ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमा सत्याग्रह स्थल पर पहुंचेगी और गांव-गांव में “महाआरती” के साथ उसकी स्थापना की जाएगी। अगर प्रशासन ने किसानों के पक्ष में आदेश लागू नहीं किए, तो “23 नवम्बर को सत्याग्रही किसान पुनः महासमुंद में जुटेंगे” और बड़े आंदोलन का एलान करेंगे।

किसान नेताओं ने बताया कि डीएम महासमुंद ने पूर्व में किसानों को कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मोर्चा का दावा है कि प्रशासन के आदेश अनुसार जल्द ही अवैध उद्योगों द्वारा कब्जाई गई शासकीय, आदिवासी, सिंचाई विभाग और वन विभाग की भूमि से कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जाएगा।

बैठक में सैकड़ों किसान, महिला किसान और छात्र शामिल हुए। प्रमुख रूप से अशोक कश्यप, नाथूराम सिन्हा, हेमसागर पटेल, बैशाखु सिन्हा, रुपसिंह निषाद, दसरथ सिन्हा, बेनीराम पटेल, दीपक मानिकपुरी, जीवन सिन्हा, श्यामलाल ध्रुव समेत अनेक ग्रामीण और महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

जिला संगठन प्रभारी एवं सत्याग्रह आंदोलन प्रभारी अशोक कश्यप ने कहा कि “यह आंदोलन केवल किसानों का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और प्राकृतिक धरोहर की रक्षा का संघर्ष है।” उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि सिरपुर और किसानों की इस लड़ाई में हर वर्ग को आगे आना चाहिए।

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