बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में टिकट बंटवारे को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। राजद से बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरीं रितु जायसवाल ने अब RJD पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि परिहार सीट करोड़ों रुपये में बेची गई है।
रितु जायसवाल ने कहा कि वह जनता की सच्ची प्रतिनिधि हैं और अब “जनता की पार्टी” से चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने कहा — “मैंने परिहार की जनता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है। अब मैं सिर्फ अपने क्षेत्र के लोगों के लिए काम करूंगी।”
भावुक हुईं रितु जायसवाल, मंच पर रो पड़ीं:
जनसभा के दौरान रितु जायसवाल का दर्द छलक पड़ा। मंच पर संबोधन के बीच वह फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने कहा — “मैं परिहार की जनता से अलग नहीं रह सकती। जब बाढ़ आई थी, तब न कोई विधायक आया, न हारने वाले नेता। तब मैं मुखिया थी और लोगों की सेवा में लगी रही।”
उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव ने पहले परिहार से उनका टिकट फाइनल किया था, लेकिन दलालों के दबाव में फैसला बदल दिया गया। पार्टी ने उन्हें बेलसंड सीट से टिकट ऑफर किया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया।
“जिसने गद्दारी की, उसी को टिकट मिला”
रितु जायसवाल ने कहा कि 2020 के चुनाव में राजद के टिकट पर उन्होंने परिहार से चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार पार्टी ने उसी परिवार को टिकट दिया जिसने पहले पार्टी के साथ गद्दारी की थी।
उन्होंने आरोप लगाया — “अगर किसी असली कार्यकर्ता को टिकट मिला होता तो मैं पीछे हट जाती, लेकिन यहां तो करोड़ों में सीट की डील हुई है।”
2020 में 1549 वोटों से हारी थीं रितु जायसवाल:
रितु जायसवाल ने राजनीति की शुरुआत सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया के रूप में की थी। वहां उनके कामों की चर्चा पूरे जिले में रही और उन्हें कई पुरस्कार भी मिले।
2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद के टिकट पर परिहार सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 1549 वोटों से हार गईं। बाद में उन्हें शिवहर लोकसभा सीट से उतारा गया, जहां वे लवली आनंद से हार गईं।
अब वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में फिर से मैदान में हैं और मुकाबला होगा —
भाजपा की गायत्री देवी और राजद प्रत्याशी स्मिता पूर्वे से।







