दिल्ली-एनसीआर में हवा खतरनाक स्तर पर, AQI 530 पार! गैस चैंबर बनी राजधानी में जल रहीं आंखें

Madhya Bharat Desk
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दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब हो गई है। दीपावली के बाद राजधानी की हवा फिर जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 531 दर्ज किया गया — जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

नरेला में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया, जहां AQI 551 तक पहुंच गया। वहीं, अशोक विहार में 493 और आनंद विहार में 394 रिकॉर्ड किया गया। नोएडा का AQI 369, जबकि गाजियाबाद में 402 रहा। राजधानी के कई हिस्सों में आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं।

दिल्ली के प्रमुख इलाकों में प्रदूषण स्तर:

  • जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम – AQI 317 (‘बहुत खराब’)
  • आईटीओ – AQI 259 (‘खराब’)
  • आरके पुरम – AQI 368 (‘बेहद खराब’)
  • इंडिया गेट – AQI 342 (‘गंभीर’)
  • अक्षरधाम – AQI 358 (‘बहुत खराब’)
  • AIIMS और INA क्षेत्र – ‘खराब’ श्रेणी में वायु गुणवत्ता

राजधानी की हवा में खतरनाक मात्रा में पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) की मौजूदगी दर्ज की गई है। प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) चरण-2 लागू कर दिया गया है।

GRAP-2 क्या है और क्यों जरूरी है?

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP-2 नियम लागू किए गए हैं। इस चरण में उन गतिविधियों पर सख्त रोक लगाई जाती है जो हवा को और प्रदूषित करती हैं। इनमें निर्माण कार्यों पर रोक, धूल उड़ाने वाले प्रोजेक्ट्स को सीमित करना, और डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध शामिल है। केवल आवश्यक सेवाओं में ही छूट दी जाती है।

एक्यूआई के मानक (Air Quality Index Scale):

श्रेणी AQI सीमा स्थिति
अच्छा 0–50 स्वच्छ हवा
संतोषजनक 51–100 सामान्य
मध्यम प्रदूषित 101–200 हल्का प्रदूषण
खराब 201–300 स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
बहुत खराब 301–400 गंभीर प्रभाव
गंभीर 401–500 अत्यंत खतरनाक

दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने लोगों से घर में रहने, मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी है।

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