छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) ने माइनिंग इंस्पेक्टर (Mining Inspector) पद के लिए आयोजित परीक्षा में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है—यह पहला मौका है जब पोर्टेबल मोबाइल नेटवर्क जैमर (Jammer) का प्रयोग परीक्षा केंद्रों पर किया गया। इसका उद्देश्य तकनीकी गड़बड़ियों को रोकना था, जिससे कि परीक्षा निष्पक्ष और शांत माहौल में संपन्न हो सके। हालांकि, व्यावम (Vyapam) द्वारा संचालित सहकारी बैंक भर्ती परीक्षाओं में पहले से ही जैमर का उपयोग होता रहा है, लेकिन PSC ने इसे पहली बार अपनाया है।
इस परीक्षा में प्रश्नपत्र का स्वरूप बदल गया, जिससे अभ्यर्थियों के लिए चुनौती बढ़ गई। परीक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार “वन-लाइनर” (one-liner) सवालों की जगह Assertion–Reason (कथन और कारण) वाले सवाल और कूट आधारित (codes-based) प्रश्न प्रमुखता से लिए गए। हालांकि प्रश्नों का स्तर ‘मॉडरेट’ था, लेकिन जटिल विकल्पों के कारण उत्तर चुनना कठिन हो गया, जिससे कई परीक्षार्थी भ्रमित रहे।
इस नए पैटर्न को कुछ उदाहरणों से समझा जा सकता है:
माइनिंग इंस्पेक्टर पेपर में बत्तीसा मंदिर (Battisa Temple) से संबंधित प्रश्न को कथनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया।
व्यापम की परीक्षा में “राज्य का पहला सहकारी बैंक कौन सा था” जैसे सामान्य प्रश्न को अब कथन–उत्तर विकल्पों के माध्यम से पूछा गया — पारंपरिक सीधे सवाल की जगह इसे जटिल रूप में रखा गया।
माइनिंग इंस्पेक्टर परीक्षा में प्रत्यक्ष जानकारी जैसे जोगी माला गुफा (Jogi Mala Cave), बस्तर का खजुराहो, और CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) का फुल फॉर्म पूछा गया। वहीं व्यापम के पेपर में कोविड-वैक्सीन का नाम, प्रदेश की जनसंख्या, राजस्व कर का सबसे बड़ा स्रोत और राज्य का पहला सहकारी बैंक जैसे विषय शामिल थे।
इस प्रकार, PSC ने परीक्षा प्रक्रिया में दो महत्वपूर्ण बदलाव किए:
1. तकनीकी सुरक्षा के लिए जैमर का प्रयोग — परीक्षा केंद्रों पर बाहरी हस्तक्षेप और तकनीकी गड़बड़ियों से बचाव के लिए।
2. प्रश्नपत्र की संरचना में बदलाव — वन-लाइनर की जगह अब कथनात्मक और कूट-आधारित प्रश्नों ने प्रवेश किया, जिससे पेपर की जटिलता में वृद्धि हुई।



