नई दिल्ली।फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यह फिल्म 11 जुलाई को रिलीज होनी थी, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने इसकी रिलीज पर फिलहाल रोक लगा दी है। अब इस फिल्म के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर इसे कांवड़ यात्रा खत्म होने तक स्थगित करने की मांग की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
कांवड़ यात्रा का हवाला देकर रोक की मांग
याचिकाकर्ता वकील तशरीक अहमद ने कहा कि फिल्म में कुछ ऐसे दृश्य हैं जो धार्मिक यात्रा के दौरान सामाजिक शांति को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि यात्रा समाप्त होने तक फिल्म को रिलीज न किया जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगा चुका है, ऐसे में दोबारा सुनवाई की जरूरत नहीं है।
हाईकोर्ट में याचिका की पृष्ठभूमि
जमीयत उलेमा-ए-हिंद और पत्रकार प्रशांत टंडन ने पहले दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म को जारी किए गए प्रमाणपत्र को चुनौती दी थी। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि अगले निर्देश तक फिल्म की रिलीज पर रोक रहेगी।
फिल्म निर्माता जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
फिल्म के निर्माता अमित जानी ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। उनका तर्क है कि फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है और इसका उद्देश्य जागरूकता फैलाना है, न कि समाज में वैमनस्य फैलाना।

क्या है फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’?
यह फिल्म 2022 में उदयपुर, राजस्थान में दर्जी कन्हैयालाल की हत्या की सच्ची घटना पर आधारित है। कन्हैयालाल पर आरोप था कि उन्होंने नूपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था, जिसके बाद उन पर हमला हुआ और उनकी हत्या कर दी गई। फिल्म इसी घटना को केंद्र में रखकर बनाई गई है।







