जब देश डिजिटल इंडिया की बात कर रहा है — जहाँ आधार, पैन, मोबाइल सब कुछ एक क्लिक में जुड़ा हुआ है — तब भी बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची (Electoral Roll) में भारी गड़बड़ी सामने आ रही है।
क्या हैं आरोप?
- लाखों वैध मतदाताओं के नाम गायब!
- डुप्लीकेट और मृत लोगों के नाम सूची में बने हुए हैं!
- संशोधन के बाद भी गलतियां जस की तस बनी हुई हैं!
बिहार के कई जिलों में लोगों को पता ही नहीं कि उनका नाम हट चुका है, और जिनका नाम है उन्हें जानकारी नहीं दी गई।
यह सिर्फ तकनीकी चूक नहीं — यह लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है!
चुनाव आयोग की चुप्पी चौंकाने वाली है। RTI, जन सुनवाई या शिकायतों के बावजूद जवाब नहीं दिया जा रहा।
अब जनता सड़कों पर उतरेगी! 9 जुलाई, पटना — “हल्ला बोल” आंदोलन का बिगुल बज चुका है। यह आंदोलन केवल वोटर लिस्ट की सफाई नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग है।
और अगला दिन है कानूनी लड़ाई का —
10 जुलाई, सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने वाली है, जहाँ यह तय होगा कि क्या चुनाव आयोग संविधान के प्रति जवाबदेह है या नहीं



