नई दिल्ली। अमेरिका का वीजा पाने की चाह रखने वालों के लिए बड़ी खबर है। अमेरिकी सरकार ने वीजा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अब आवेदकों के लिए पिछले पांच वर्षों के सोशल मीडिया हैंडल्स देना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम F, M और J श्रेणी (यानी स्टूडेंट और एक्सचेंज वीजा) के आवेदकों पर भी लागू होगा।
अब सोशल मीडिया की गोपनीयता नहीं चलेगी
अमेरिकी दूतावास ने साफ किया है कि वीजा फॉर्म DS-160 भरते समय आवेदकों को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Facebook, Instagram, X (पूर्व में Twitter), YouTube, TikTok आदि पर उपयोग किए गए यूज़रनेम भरने होंगे। यह जानकारी सत्य और पूरी होनी चाहिए।

अगर कोई आवेदक यह जानकारी छिपाता है, तो उसका वीजा रिजेक्ट किया जा सकता है और भविष्य में वीजा पाने की पात्रता भी समाप्त हो सकती है।
सोशल मीडिया अकाउंट्स रखें सार्वजनिक
दूतावास ने अपने आधिकारिक ‘X’ अकाउंट पर यह भी कहा कि आवेदक अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल को पब्लिक मोड में रखें, ताकि उनकी सत्यता और पात्रता की सही तरीके से जांच की जा सके।
2019 से लागू है नियम, अब होगी सख्त निगरानी
हालांकि यह नियम 2019 से ही लागू है, लेकिन अब अमेरिका ने इसे लेकर सख्ती बढ़ा दी है। दूतावास ने कहा, “हर अमेरिकी वीजा निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होता है, इसलिए इस प्रक्रिया में कोई ढील नहीं दी जाएगी।”
अवैध तरीके से अमेरिका जाने वालों पर नजर
अमेरिकी सरकार ने यह सख्ती ऐसे समय में दिखाई है जब हाल ही में लॉस एंजेलिस में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 16 से 24 जून के बीच अमेरिकी दूतावास कई बार स्पष्ट कर चुका है कि अमेरिका का वीजा कोई अधिकार नहीं बल्कि एक विशेषाधिकार है, और इसके मिलने के बाद भी लगातार निगरानी की जाती है।



