छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धीरे-धीरे एक ऐसा नेटवर्क पनप चुका है, जो बेहद खतरनाक है — ये है बांग्लादेशी घुसपैठियों का फर्जी दस्तावेज सिंडिकेट!
जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक, रायपुर और आस-पास के इलाकों में अवैध तरीके से रह रहे हैं और उनके पास असली जैसे दिखने वाले नकली आधार कार्ड, राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र हैं।
🔍 दस्तावेज बनाने वाला गिरोह अब भी लापता!
सवाल ये है — ये फर्जी दस्तावेज बनाए किसने?
जवाब है: एक गुप्त नेटवर्क, जो अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। दस्तावेज इतने असली जैसे हैं कि कई बार अधिकारियों की भी आंखें धोखा खा गईं।
ये गिरोह सिर्फ पहचान पत्र नहीं, बल्कि जमीन की रजिस्ट्री, नौकरी के कागजात, यहां तक कि बैंक खातों तक खुलवाने में मदद करता है।
🚨 खतरे की घंटी: देश की सुरक्षा पर सवाल
इस पूरे नेटवर्क ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
क्या ये सिर्फ शरणार्थी हैं या किसी बड़े साजिश का हिस्सा?
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस एंगल से भी जांच कर रही हैं।
💬 स्थानीय लोगों की बढ़ती चिंता:
रायपुर के स्थानीय नागरिक अब डर और आशंका के बीच जी रहे हैं।
“हमें नहीं पता कौन असली नागरिक है और कौन फर्जी!” – एक स्थानीय निवासी की भावनाएं



