“संपन्न परिवार को नहीं मिलेगी अनुकंपा नौकरी: सुप्रीम कोर्ट ने तय की नई सीमा”

admin
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भारत में सरकारी सेवा से जुड़े कर्मचारियों के निधन के बाद उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुकंपा नियुक्ति एक मानवीय नीति है। लेकिन इस नीति का कई बार आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया, जो इस व्यवस्था को स्पष्ट दिशा देने वाला है।

मामले की पृष्ठभूमि:

इस केस में एक दिवंगत सरकारी कमिश्नर के बेटे ने अनुकंपा नियुक्ति के तहत नौकरी की मांग की थी। याचिकाकर्ता के पिता के निधन के बाद वह यह दावा कर रहा था कि उसे सरकारी सेवा में नौकरी दी जाए। लेकिन जांच में सामने आया कि उसके पास एक से अधिक मकान और काफी जमीन-जायदाद है।

सुप्रीम कोर्ट का रुख:

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य केवल उन परिवारों की मदद करना है जो मृतक कर्मचारी की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट में आ जाते हैं। यह एक विशेष छूट है, न कि किसी का जन्मसिद्ध अधिकार। अगर कोई परिवार संपन्न है, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए।

फैसले का महत्व:

यह निर्णय न केवल नीति की मूल भावना की रक्षा करता है, बल्कि भ्रष्टाचार और अनुचित लाभ के प्रयासों पर भी लगाम लगाता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि केवल वही परिवार इस सुविधा के योग्य हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हों और जिनकी जीविका मृतक कर्मचारी की आय पर निर्भर थी।

 

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