मामला क्या है?
रायपुर के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया को ACB ने झारखंड शराब घोटाले से जुड़ी पूछताछ के लिए समन भेजा था। लेकिन जब वे पेश नहीं हुए, तो अदालत से गिरफ्तारी वारंट लेकर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
अब सवाल उठता है — क्या सिंघानिया सिर्फ सप्लायर थे या घोटाले की गहरी साजिश में उनकी बड़ी भूमिका है?
क्या यह घोटाला सीमाओं से परे है?
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि झारखंड में सामने आए इस घोटाले की जड़ें छत्तीसगढ़ तक फैली हो सकती हैं। क्या यह कोई एक राज्य का भ्रष्टाचार है, या फिर राज्यों के बीच फैले कारोबार का हिस्सा?
ACB अब इस दिशा में तेजी से जांच कर रही है।
आगे क्या होगा?
क्या सिद्धार्थ सिंघानिया की गिरफ्तारी के बाद अन्य नाम भी सामने आएंगे?
क्या यह कार्रवाई झारखंड और छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में और उथल-पुथल मचाएगी?
ACB की पूछताछ के बाद कई परतें खुलने की उम्मीद है।



