ब्रिटेन में भारतीय डॉक्टर और लेखिका डॉ. शालिनी मलिक को लेखन के क्षेत्र में प्रतिष्ठित IGF आर्चर-अमीश अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड इंडिया ग्लोबल फोरम (India Global Forum) के दौरान लंदन में दिया गया।
इस सम्मान के तहत डॉ. शालिनी को 25 हजार अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिली। यह अवार्ड ब्रिटेन और भारत के प्रसिद्ध लेखकों लॉर्ड जेफ्री आर्चर और अमीश त्रिपाठी के नाम पर स्थापित किया गया है और डॉ. शालिनी इस अवार्ड को पाने वाली पहली लेखिका बनी हैं।
डॉ. शालिनी को यह सम्मान उनके उपन्यास ‘द वे होम’ के लिए दिया गया है, जिसमें तीन युवाओं की संघर्षमयी यात्रा को बारीकी से उकेरा गया है। यह कहानी गोवा में शरण लेने वाले युवाओं की है, जो अपने दुख, पहचान और आत्म-उपचार की तलाश में हैं।
पुरस्कार समारोह में ब्रिटेन की संस्कृति मंत्री लिजा नंदी ने भारत और ब्रिटेन के बीच सांस्कृतिक संबंधों की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच साहित्य और कला के माध्यम से मजबूत संबंध बन रहे हैं।
सम्मान मिलने पर डॉ. शालिनी ने कहा, “बतौर लेखिका, मैं पूरी तरह से निशब्द और अत्यंत खुश हूं। इस पुरस्कार ने मुझे अपनी अगली किताब लिखने की प्रेरणा दी है।”
यह पुरस्कार पिछले वर्ष ही स्थापित किया गया था और डॉ. शालिनी को इसका पहला विजेता बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।



