छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को बालोद में प्रेस वार्ता के दौरान चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आयोग अब स्वतंत्र संस्था नहीं रह गया, बल्कि भाजपा का “बंधुआ मजदूर” बन गया है।
बघेल ने EVM में गड़बड़ी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जब भी इस पर सवाल खड़े किए जाते हैं, तो आयोग जांच कराने के बजाय चुप्पी साध लेता है। “EVM गड़बड़ी की जांच कभी नहीं होती, जबकि चुनावी लोकतंत्र की पारदर्शिता के लिए ये बेहद ज़रूरी है,” उन्होंने कहा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने न्यायपालिका को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अब न्यायपालिका पर भी केंद्र सरकार का दबाव बढ़ता जा रहा है। “जिन संस्थाओं को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की तरह काम करना चाहिए, वे अब दबाव में हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को निशाना बनाने और जनता की आवाज़ दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। बघेल ने यह बयान उस समय दिया है जब लोकसभा चुनाव के नतीजे आने में कुछ ही दिन बाकी हैं और पूरे देश में राजनीतिक तापमान अपने चरम पर है।



