डोनाल्ड ट्रंप की सीरियाई राष्ट्रपति से ऐतिहासिक भेंट, पश्चिम एशिया में नई राजनीतिक धुरी की शुरुआत

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वॉशिंगटन/रियाद। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सऊदी अरब में सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल शरा से मुलाकात ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। यह पहली बार है जब एक समय अमेरिका द्वारा वांछित आतंकवादी रहे शख्स को अमेरिका ने मान्यता दी है। इस अप्रत्याशित मुलाकात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि इससे पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन पूरी तरह बदल सकता है।

अहमद अल शरा, जिन्हें पहले मोहम्मद अल जालानी या गोलानी के नाम से जाना जाता था, अल कायदा और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों से गहरे तौर पर जुड़े रहे हैं। लेकिन अब वे सीरिया की अंतरिम सरकार के मुखिया हैं और अमेरिका समेत कई अरब देशों का समर्थन प्राप्त कर चुके हैं।

अमेरिका का रणनीतिक बदलाव

इस मुलाकात के बाद अमेरिका ने सीरिया पर लगे सभी पुराने प्रतिबंध हटा लिए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य रूस और ईरान के प्रभाव को खत्म कर सीरिया में अपनी स्थिति मजबूत करना है। यह निर्णय तब लिया गया है जब बशर अल असद की सरकार 2024 के अंत में सत्ता से बाहर हो चुकी है और रूस यूक्रेन युद्ध में व्यस्त है।

सऊदी की भूमिका अहम

इस राजनीतिक समीकरण के केंद्र में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की भूमिका बताई जा रही है। माना जा रहा है कि उन्होंने ट्रंप और अहमद अल शरा की मुलाकात की योजना बनाई, जिससे ईरान की पकड़ कमजोर कर सऊदी प्रभाव को बढ़ाया जा सके।

इस्राइल की कड़ी प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम से इस्राइल असंतुष्ट है। उसका मानना है कि आतंकवादी पृष्ठभूमि वाले संगठन हयात तहरीर अल शाम के नेता को मान्यता देना एक खतरनाक कदम है और इससे भविष्य में क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है।

क्या बदल जाएगा?

यह मुलाकात न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक भू-राजनीति के लिए एक निर्णायक मोड़ बन सकती है। अमेरिका, तुर्किये, और सऊदी जैसे देशों का समर्थन सीरिया को एक नई दिशा दे सकता है, जबकि इस्राइल, ईरान और रूस जैसे देशों की रणनीतियां अब चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।

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