Chhattisgarh | भारतमाला परियोजना में 43.18 करोड़ का घोटाला, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने CBI जांच की मांग की

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Chhattisgarh | 43.18 crore scam in Bharatmala project, Leader of Opposition Dr. Charandas Mahant demanded CBI investigation

रायपुर, 4 अप्रैल 2025। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विजाग इकनोमिक कॉरिडोर निर्माण के लिए अभनपुर (जिला रायपुर) क्षेत्र में किए गए भूमि अधिग्रहण में बड़ा घोटाला सामने आया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया है कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, जिससे भारत सरकार को ₹43.18 करोड़ की आर्थिक क्षति हुई है। उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है।

डॉ. महंत ने जानकारी दी कि उन्होंने फरवरी-मार्च 2025 के विधानसभा सत्र में इस विषय पर तारांकित प्रश्न क्रमांक 226 उठाया था। 12 मार्च 2025 को सरकार की ओर से मिले उत्तर में खुद राजस्व मंत्री ने स्वीकार किया कि फर्जी नामांतरण और मुआवजा स्वीकृति से शासन को आर्थिक नुकसान हुआ है।

जांच रिपोर्ट में खुलासा –

जांच प्रतिवेदन के अनुसार जहां वास्तविक मुआवजा राशि ₹7.65 करोड़ होनी थी, वहां ₹49.39 करोड़ का भुगतान कर दिया गया। यानी ₹43.18 करोड़ का अधिक भुगतान किया गया है। यह सब पूर्व तारीखों में फर्जी पंजीयन, बंटवारा और नामांतरण कर नियमों के विरुद्ध किया गया।

डॉ. महंत ने कहा कि इसमें 100 से अधिक लोकसेवक और भूमि मालिकों की संलिप्तता है और यह सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट 11 सितंबर 2023 को ही राज्य सरकार को मिल चुकी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जब तक उन्होंने विधानसभा में प्रश्न नहीं उठाया।

CBI जांच की मांग –

डॉ. महंत ने विधानसभा में मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री से इस प्रकरण की CBI जांच या विधायक समिति से जांच कराने की मांग की थी, लेकिन इसे अस्वीकार करते हुए जांच कमिश्नर से कराने की घोषणा की गई। बाद में राज्य सरकार ने इस जांच को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को सौंप दिया, जिस पर डॉ. महंत ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि चूंकि यह भारत सरकार की परियोजना है, इसलिए राज्य की एजेंसी की जांच न्यायिक रूप से वैध नहीं मानी जा सकती।

उन्होंने मांग की है कि अभनपुर ही नहीं, बल्कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत प्रदेशभर में किए गए सभी भूमि अधिग्रहणों की CBI जांच कराई जाए।

 

 

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