रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के दूसरे चरण की शुरुआत कर बस्तर और सरगुजा के कठिन वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली 24 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस चरण में 10 जिलों के 23 नए मार्गों पर बसें संचालित होने लगीं, जिससे 180 गांव पहली बार सीधे परिवहन सुविधा से जुड़ गए।
कार्यक्रम में शामिल होने आए ग्रामीणों ने बताया कि यह बसें उनके लिए केवल सफर का साधन नहीं, बल्कि विकास का रास्ता बन चुकी हैं। सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से आए यात्रियों ने कहा कि 110 किलोमीटर की यात्रा, जो कभी जोखिम और असुविधा से भरी होती थी, अब सुरक्षित, समय पर और आसान हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से पीछे न रह जाए, और यह योजना ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक अवसरों को मजबूत कर रही है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इसे बस्तर और सरगुजा के आदिवासी समुदायों के लिए एक बड़ा वरदान बताया।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का पहला चरण 4 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ था, जिसमें 250 गांवों को जोडा़ गया था। अब दूसरे चरण ने इस संख्या को और आगे बढ़ा दिया है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव, परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
इसी दौरान राजधानी के जयस्तंभ चौक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अमर शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर नारायण सिंह का जीवन त्याग, न्याय और साहस का असाधारण उदाहरण है। 1856 के भीषण अकाल में उन्होंने भूखी जनता को अनाज वितरित कर ब्रिटिश शासन को चुनौती दी थी, और किसानों-आदिवासियों के अधिकारों के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके आदर्शों के अनुरूप प्रदेश के विकास और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।



