छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक कथा कार्यक्रम के दौरान कथावाचक अशुतोष चैतन्य द्वारा सतनामी समाज के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर विवाद गहरा गया। कथावाचक पर आरोप है कि कथा वाचन के दौरान उन्होंने सतनामी समुदाय को ‘मूर्ख’ बताते हुए उन्हें गाय काटने वाला समाज कहा। यह बयान कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों को नागवार गुज़रा और देखते ही देखते इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
बयान सामने आने के बाद सतनामी समाज में भारी आक्रोश फैल गया और समुदाय के सैकड़ों लोग तखतपुर थाने पहुंचकर कथावाचक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मामला गंभीर होने पर पुलिस ने कथावाचक के खिलाफ FIR दर्ज की।
इसके बाद 15 नवंबर को पुलिस टीम ने तखतपुर के कथा स्थल पर पहुंचकर कथावाचक अशुतोष चैतन्य को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि किसी भी धार्मिक या सामाजिक आयोजन में ऐसा बयान देना जो किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाए, कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। इसलिए कार्रवाई आवश्यक थी।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि मामले की जांच जारी है और आगे तथ्यों के आधार पर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वहीं सतनामी समाज ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी समुदाय विशेष पर इस प्रकार की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह घटना एक बार फिर धार्मिक आयोजनों में संयमित भाषा के महत्व को रेखांकित करती है।







