महासमुंद।छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में अवैध करणी कृपा स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड तथा नूतन आयरन एंड पावर प्रा. लि. के खिलाफ सत्याग्रही किसानों ने महासमुंद जिलाधीश कार्यालय में प्रदर्शन कर एफआईआर और कार्रवाई की मांग की। किसानों ने आरोप लगाया कि ये उद्योग गैर-औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से संचालन कर रहे हैं और प्रदूषण फैलाकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
डीएम अमरेश मिश्रा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि संबंधित उद्योगों पर शीघ्र ही तालाबंदी की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मामले को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो रायपुर को भेजने का निर्देश भी दिया।
किसानों ने सौंपी शिकायत, अवैध निर्माण पर कार्रवाई की मांग
राज्य आंदोलनकारी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे के नेतृत्व में किसानों ने कहा कि अवैध कंपनियां करोड़ों रुपये की शासकीय संपत्ति और आदिवासी किसानों की भूमि पर कब्जा कर चुकी हैं। उन्होंने नायब तहसीलदार श्रीमती तृप्ति चंद्राकर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया।
डीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी और कृषि विभाग को प्रदूषण की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों ने दिया अल्टीमेटम, आंदोलन की तैयारी तेज
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो 40 गांवों के किसान अवैध उद्योग के गेट पर आंदोलन करेंगे।
आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए 5 नवम्बर को दोपहर 2 बजे श्रीराम जानकी मंदिर, खैरझिटी में महा पंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे की उपस्थिति रहेगी।
किसानों का आरोप – अधिकारी और उद्योग संचालक आर्थिक अपराधी
सत्याग्रही किसानों ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में कई अधिकारी और उद्योग संचालक शामिल हैं। इनमें पूर्व उद्योग सचिव अनिल टुटेजा, आरिफ शेख, पूर्व जिलाधीश नीलेश क्षिरसागर, प्रभात मालिक, भागवत जायसवाल, अरविन्द चंद्राकर, अशोक चौधरी और अन्य के नाम शामिल हैं। किसानों ने कहा कि ये सभी आर्थिक अपराध में संलिप्त हैं और इन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।
महत्वपूर्ण उपस्थिति:
महिला किसान नेत्री राधाबाई सिन्हा, श्यामबाई ध्रुव, संगठन प्रभारी अशोक कश्यप, नाथूराम सिन्हा, और धर्मेंद्र यादव सहित कई किसान इस अवसर पर मौजूद रहे।



