बीजापुर जिले के 18 मजदूरों को अधिक मजदूरी और बेहतर काम का झांसा देकर एक दलाल ने तेलंगाना राज्य ले जाकर वहां काम पर लगाया था। मजदूरों में ग्राम कड़ेनार के 11 और ग्राम घुमरा के 7 मजदूर शामिल थे। बताया गया कि पहले इन मजदूरों से तेलंगाना के करीमनगर में काम कराया गया, उसके बाद दलाल उन्हें महाराष्ट्र के नांदेड़ भेज दिया। बाद में वही दलाल मजदूरों को कर्नाटक के बागलकोट जिले के एक साहूकार के पास काम पर लगाकर 5 लाख रुपये में बेच गया।
इन मजदूरों को न तो मेहनताना दिया गया और न ही वापस घर लौटने की अनुमति मिली। इस दौरान दलाल मौके से फरार हो गया, जिससे मजदूरों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई। जब मामला प्रशासन के संज्ञान में आया तो जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक बीजापुर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक संयुक्त रेस्क्यू टीम गठित की।
इस टीम में श्रम निरीक्षक लोकेन्द्र वैष्णव, राजस्व निरीक्षक यशवंत राव और सहायक उप पुलिस निरीक्षक बलदेव कुडियाम शामिल थे। टीम को तुरंत कर्नाटक के बागलकोट रवाना किया गया। स्थानीय प्रशासन की सहायता से रेस्क्यू टीम ने सभी 18 मजदूरों को सुरक्षित मुक्त कराया और 1 लाख 36 हजार रुपये की बकाया मजदूरी राशि भी दिलवाई।
रेस्क्यू टीम ने सभी मजदूरों को सुरक्षित रूप से बीजापुर वापस लाकर उनके गृहग्राम कड़ेनार और घुमरा में पहुंचाया। बीजापुर प्रशासन की यह त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई न केवल मजदूरों के लिए राहत का कारण बनी, बल्कि विश्वास और मानवीयता की एक बड़ी मिसाल भी साबित हुई।



