अंबिकापुर में शिक्षकों के साथ ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। राजस्व विभाग में पदस्थ पटवारी ने जमीन की बिक्री का झांसा देकर लाखों रुपये हड़प लिए। यह पूरा मामला धीरे-धीरे तब सामने आया जब शिक्षकों ने जमीन की रजिस्ट्री के लिए महिला भू-स्वामी से संपर्क किया। महिला ने जब साफ कहा कि उसने कोई जमीन बिक्री नहीं की और न ही पटवारी से इस संबंध में कोई बात हुई है, तो शिक्षकों के होश उड़ गए। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जानकारी के अनुसार यह मामला धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कारोली का है। यहां के निवासी शिक्षक मुनेश्वर राम पैकरा, शिक्षक अनुकदास और सूर्यदेव तिग्गा ने आपसी सहमति से जमीन खरीदने का फैसला लिया था। आरोप है कि पटवारी जीवन प्रकाश एक्का ने हिर्मनिया नामक महिला की जमीन को बेचने का झांसा देकर कुल 16 लाख रुपये में सौदा तय कराया। इसी के तहत शिक्षकों ने 26 दिसंबर 2024 को पटवारी को 9 लाख रुपये नगद दे दिए।
बाद में जब शिक्षकों ने जमीन की रजिस्ट्री के लिए पहल की, तो महिला भू-स्वामी ने सौदे से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद शिक्षकों को पता चला कि वे पटवारी की ठगी का शिकार हो गए हैं। मामला गंभीर होते ही पुलिस ने पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
यह घटना न केवल शिक्षकों के साथ हुई ठगी का मामला है बल्कि सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की भी एक झलक पेश करती है। इससे साफ होता है कि संपत्ति के लेनदेन में केवल बिचौलियों या पटवारी पर भरोसा न करते हुए प्रत्यक्ष मालिक से बात करना बेहद ज़रूरी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।



