बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले विपक्षी महागठबंधन में बड़ा झटका लगा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने महागठबंधन से अलग होकर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। शनिवार को पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह बिहार में छह विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
झारखंड में सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी ने बताया कि बिहार में महागठबंधन के साथ सीट बंटवारे को लेकर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है।
झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पार्टी अब स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी।
किन सीटों पर लड़ रही है झामुमो:
झामुमो ने जिन छह सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं, उनमें चकाई, धमदाहा, कटोरिया, पिरपैंती, मनीहारी और जमुई शामिल हैं। ये सभी सीटें बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में आती हैं।
पार्टी शुरू में 16 सीटों की मांग कर रही थी, बाद में इसे घटाकर 12 किया गया। हालांकि, महागठबंधन के नेताओं — खासकर तेजस्वी यादव से हुई बैठकों के बावजूद कोई सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद झामुमो नेताओं ने पटना से लौटकर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया।
2020 के चुनाव में भी लड़ा था झामुमो:
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में झामुमो ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन तब सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। इस बार पार्टी नई रणनीति और संगठनात्मक ताकत के साथ मैदान में उतर रही है।
मेकर्स का संदेश:
झामुमो का यह कदम बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा कर सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि झामुमो की यह स्वतंत्र रणनीति महागठबंधन के वोट बैंक पर कितना असर डालती है।







