बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के मामले में हाई कोर्ट की पहल के बाद रक्षा मंत्रालय ने अपनी जमीन की कीमत घटाकर 71 करोड़ से 46 करोड़ कर दी है। अब राज्य सरकार 46 करोड़ जमा करके एयरपोर्ट विस्तार के लिए 290 एकड़ जमीन प्राप्त कर सकेगी। वहीं, एयरलाइंस द्वारा उड़ानों की संख्या कम करने पर हाई कोर्ट ने एलायंस एयर से शपथ-पत्र मांगा है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने सोमवार को दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जमीन की कीमत को लेकर केंद्र और राज्य के बीच विवाद सुलझाने के लिए सहमति बनाने का निर्देश दिया था। रक्षा मंत्रालय ने शपथ पत्र में बताया कि 9 सितंबर को रक्षा सचिव और राजस्व सचिव की बैठक में राज्य सरकार के अनुरोध पर कीमत घटाने का निर्णय लिया गया। डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि नई कीमत में 2014 से अब तक का ब्याज और जमीन अधिग्रहण लागत शामिल है।
राज्य सरकार द्वारा भुगतान के बाद जमीन का हस्तांतरण किया जाएगा। वहीं, एलायंस एयर द्वारा 26 अक्टूबर से दिल्ली की उड़ानें सप्ताह में 6 से घटाकर 3 करने के फैसले पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने ध्यान दिलाया कि 13 फरवरी 2024 को एलायंस एयर ने सभी सातों दिन उड़ान जारी रखने का आश्वासन दिया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव और एडवोकेट सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि नाइट लैंडिंग लाइसेंस और डीजीसीए की निरीक्षण प्रक्रिया अभी भी अधूरी है। हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव और एलायंस एयर से नाइट लैंडिंग, डीजीसीए की अनुमति और उड़ानों की संख्या में कटौती जैसे मुद्दों पर विस्तृत शपथ पत्र तलब किया है। अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी।







