रायपुर/नई दिल्ली। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट ने देश में बढ़ते अपराध की भयावह तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ बुजुर्गों की हत्या के मामलों में देश में पहले स्थान पर है। वर्ष 2023 में राज्य में 72 हत्याकांडों में 73 वरिष्ठ नागरिकों की जान गई। औसतन हर महीने छह वृद्धजन की हत्या हुई। वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ कुल 1,798 अपराध दर्ज किए गए, जिससे छत्तीसगढ़ इस श्रेणी में चौथे स्थान पर रहा।
दिल्ली (118.6 मामले प्रति लाख वरिष्ठ नागरिक) पहले स्थान पर रही, जबकि छत्तीसगढ़ की दर 89.7 रही। रिपोर्ट बताती है कि राज्य में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं – 2021 में 1,408, 2022 में 1,632 और 2023 में 1,798 मामले दर्ज हुए। इनमें से 2,521 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, 2,457 पर चार्जशीट दाखिल हुई और 235 दोषी करार दिए गए।
ST, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़े
NCRB के आंकड़े बताते हैं कि अनुसूचित जनजाति (ST) के खिलाफ अपराधों में 28% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2022 में प्रति लाख आबादी पर 422.2 अपराध दर्ज हुए थे, जो 2023 में बढ़कर 448.3 हो गए। ST के खिलाफ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़े हैं – 2022 में 65,893 से बढ़कर 2023 में 86,420 मामले हो गए।
बच्चों के खिलाफ अपराध में भी 9.2% की बढ़ोतरी हुई। 2022 में 1,62,449 मामले दर्ज हुए थे, जो 2023 में बढ़कर 1,77,335 हो गए। इनमें 45% मामले अपहरण के और 38.2% मामले पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुए। बच्चों के खिलाफ अपराध में मध्य प्रदेश सबसे ऊपर रहा, इसके बाद महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश का स्थान है।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी इजाफा हुआ। 2023 में 4,48,211 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2022 में यह संख्या 4,45,256 थी। इनमें सबसे अधिक 66,381 मामले उत्तर प्रदेश से सामने आए। इसके बाद महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश शामिल हैं।
आत्महत्या और आर्थिक अपराध भी बढ़े
देशभर में 2023 में 1,71,418 लोगों ने आत्महत्या की। इनमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र (22,687 मामले) में हुईं। 31.9% आत्महत्याएं पारिवारिक समस्याओं और 19% गंभीर बीमारियों के कारण हुईं। खेती से जुड़े 10,700 लोगों ने आत्महत्या की, जिनमें 4,690 किसान और 6,096 खेतिहर मजदूर थे।
आर्थिक अपराध और संपत्ति से जुड़े अपराधों में भी तेजी आई। वर्ष 2023 में 2.04 लाख आर्थिक अपराध और 8.78 लाख संपत्ति अपराध दर्ज हुए। संपत्ति चोरी में 6,917 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसमें से केवल 2,065 करोड़ की संपत्ति बरामद हो सकी।
यह रिपोर्ट साफ करती है कि छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों पर बढ़ते अपराध और देशभर में ST, महिलाओं व बच्चों पर बढ़ती हिंसा समाज और प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।



