रायपुर :जब 2018 से 2023 तक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी…
आरोपों की बौछार
तब विपक्ष में रही भाजपा ने कांग्रेस शासन पर कई भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। 13 भाजपा विधायकों ने प्रमाणों सहित मुद्दे उठाए। नतीजतन, सत्ता परिवर्तन के संकेत मिलने लगे।
जांच एजेंसियां सतर्क
केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं और फाइलें खुलने लगीं। कई नेता और अधिकारी रडार पर आए।
कुछ जेल में : कुछ बेल में
कई गिरफ्तार हुए, कुछ को सालों बाद जमानत मिली और कुछ अभी भी अदालत की दहलीज़ पर खड़े हैं।
नई सरकार, पुराने सवाल
13 दिसंबर 2023 को भाजपा सरकार बनने के बाद भी हालात बहुत अलग नहीं दिख रहे। जिन विभागों में कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, अब वही मामलों में गड़बड़ियों की चर्चा है। लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार अब शिष्टाचार से बढ़कर अत्याचार बन चुका है।
भाजपा कार्यकर्ता असमंजस में
संगठन और सरकार के बीच चर्चा है कि अगर हालात यही रहे, तो 2028 के बाद जांच एजेंसियां इन्हीं चेहरों की तलाश में निकल सकती हैं।
ठेकेदारों की हिम्मत बुलंद
सप्लायर और ठेकेदार खुलकर सौदे कर रहे हैं। चर्चा है कि अब वही ठेकेदार राज्य का बजट तय करने लगे हैं—जहां सौ रुपए का सामान 2,000 से 2,500 रुपए तक में खरीदा-बेचा जा रहा है।







