रायपुर के कुख्यात तोमर बंधुओं — वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ़ रूबी और उनके भाई रोहित तोमर — द्वारा दायर पाँच अग्रिम जमानत याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी। इस सुनवाई में पुलिस ने आर्गेनाइज्ड क्राइम से जुड़ा होने का आरोप जताया है, जबकि शासन ने दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत देने का विरोध किया है।
पृष्ठभूमि
ये दोनों भाई दो माह से फरार चल रहे हैं। उन पर रायपुर के तेलीबांधा और पुरानीबस्ती थानों में सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग, वसूली, धमकी, हत्या जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज मामलों का आरोप है। इसके तहत 7 एफआईआर पुलिस ने दर्ज की हैं।
कोर्ट की प्रतिक्रिया
हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान रायपुर एसएसपी से सवाल किया कि यह कैसे संभव हुआ कि सात एफआईआर एक साथ दर्ज की गईं — वे किस ठोस आधार पर यह कार्रवाई कर रहे हैं? कोर्ट ने एसएसपी को व्यक्तिगत शपथपत्र सहित दो सप्ताह के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया है।
संपत्ति कुर्की की कार्रवाई
पुलिस ने तोमर भाइयों की चार संपत्तियों की कुर्की के लिए कलेक्टर से आग्रह किया है। ये संपत्तियाँ भाठागांव और भनपुरी में हैं। यदि वे कोर्ट में 18 अगस्त तक पेश नहीं होते, तो इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही उनके बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं और अवैध को बुलडोजर से गिराया गया है।
वकील का पक्ष
उनके वकील ने सुनवाई में आरोप लगाया कि उनकी मंशा पर दबाव बनाकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से साजिश के तहत उन्हें आर्जेनाइज्ड क्राइम के मामले में फंसाया जा रहा है। कोर्ट ने इस दावे की तह में जाने के लिए केस डायरी भी तलब की थी।



