“नाम बदलो या नारा दो, नौकरी कहाँ है सरकार?”-कमलनाथ

Madhya Bharat Desk
2 Min Read
The Union Minister for Urban Development & Parliamentary Affairs, Shri Kamal Nath addressing a Press Conference on the Winter Session, 2012 of Parliament (12th Session of Fifteenth Lok Sabha and the 227thSession of the Rajya Sabha), in New Delhi on November 20, 2012. The Minister of State for Parliamentary Affairs & Planning, Shri Rajiv Shukla and the Minister of State (Independent Charge) for Development of North Eastern Region and Minister of State for Parliamentary Affairs, Shri Paban Singh Ghatowar are also seen.

मध्यप्रदेश में बेरोज़गारी की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के रोजगार पोर्टल पर अब तक लगभग 25.68 लाख युवाओं ने रोजगार पाने के लिए पंजीकरण कराया है। लेकिन असल स्थिति इससे कहीं ज़्यादा चिंताजनक है, क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसे युवा भी हैं जो या तो पंजीकरण नहीं करवा पाए या सरकारी तंत्र से निराश होकर अलग हो गए।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति आज सबसे ज़्यादा निराश है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल “बेरोज़गार” शब्द को “आकांक्षी युवा” में बदल देने से उनकी ज़िंदगियाँ बदल जाएँगी? कमलनाथ ने कहा कि यह सिर्फ़ एक लिपापोती है, जिससे सच्चाई को छुपाया जा रहा है।

सरकार ने वर्ष 2025 के लिए सिर्फ 87,000 युवाओं को रोज़गार देने का लक्ष्य तय किया है। कमलनाथ ने इस लक्ष्य को “भ्रम फैलाने वाला” बताया और कहा कि यदि सरकार शत-प्रतिशत सफल भी होती है, तब भी 25 लाख से अधिक पंजीकृत युवाओं में से ज़्यादातर को निराशा ही हाथ लगेगी।

उन्होंने सरकार से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि रोजगार को सिर्फ घोषणाओं का विषय न बनाकर, ज़मीन पर क्रियान्वयन का केंद्र बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं सरकार से अपील करता हूँ कि नाम बदलने की राजनीति से बाहर निकलकर, ठोस रोज़गार नीति बनाए। जब तक युवा भविष्य को लेकर असुरक्षित रहेंगे, तब तक प्रदेश का भविष्य भी अंधेरे में रहेगा।”

कमलनाथ का मानना है कि युवाओं को सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि वास्तविक अवसरों में बदलाव चाहिए। उनके मुताबिक, छोटे और मझोले उद्योगों को बढ़ावा देना, स्टार्टअप्स को सहयोग देना, और सरकारी भर्तियों को पारदर्शिता के साथ तेज़ी से पूरा करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment