बस्तर में नक्सल संगठन को बड़ा झटका, 67 माओवादियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में माओवादी गतिविधियों को करारा झटका देते हुए 67 नक्सलियों ने 24 जुलाई को हरेली तिहार के अवसर पर आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल 2 करोड़ 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
कांकेर जिले से 13, नारायणपुर से 8, सुकमा से 5, दंतेवाड़ा से 16 और बीजापुर से 25 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। ये सभी नक्सली लंबे समय से विभिन्न नक्सली घटनाओं में सक्रिय थे।

नारायणपुर में आत्मसमर्पण करने वालों में डॉक्टर टीम के सदस्य और 33 लाख के इनामी भी
नारायणपुर जिले में सरेंडर करने वाले 8 नक्सलियों में चार महिलाएं भी शामिल हैं। इन पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम था। इनमें डॉक्टर टीम के सदस्य सुखलाल और प्लाटून 16 का कमांडर कमलेश प्रमुख नाम हैं।

दंतेवाड़ा में लोन वर्राटू अभियान का असर, 16 नक्सली लौटे मुख्यधारा में
दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण करने वाले 16 नक्सलियों में एक दंपति और पांच इनामी माओवादी शामिल हैं। इन पर कुल 17 लाख रुपये का इनाम था। लोन वर्राटू (घर लौटो) अभियान के तहत अब तक 1020 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं।

बीजापुर में 25 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, शीर्ष कैडर भी शामिल
बीजापुर में 25 लाख के इनामी एसजेडसीएम समेत कुल 25 नक्सलियों ने हथियार छोड़े। इनमें डीवीसीएम, एसीएम, एलओएस सदस्य, जनताना सरकार के नेता और कई अन्य शीर्ष कैडर शामिल हैं।
सुकमा में जगरगुंडा और चिंतलनार क्षेत्र के नक्सली हुए सरेंडर
सुकमा जिले में पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। सभी नक्सली जगरगुंडा और चिंतलनार क्षेत्र में सक्रिय थे। इन पर पुनर्वास नीति और प्रशासन की योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव पड़ा।

कांकेर में 13 नक्सलियों ने छोड़ा माओवाद, 62 लाख का था इनाम
कांकेर जिले में सरेंडर करने वाले नक्सलियों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें कंपनी कमांडर मंगलू उर्फ रूपेश कोमरा और उत्तर बस्तर डिविजन का कमांडर इन चीफ मैनू नेगी भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल 62 लाख रुपये का इनाम था।







