अंतरिक्ष मिशन Axiom Mission-4 के अंतर्गत भारतीय वैज्ञानिक शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपने तीसरे दिन सूक्ष्म शैवाल (माइक्रो-शैवाल) पर महत्वपूर्ण प्रयोग किए। उन्होंने अंतरिक्ष में सैंपल बैग इंस्टॉल किए और सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में शैवाल की वृद्धि का अवलोकन करने के लिए उनकी तस्वीरें भी लीं।
यह प्रयोग भारत स्थित ICGEB और BRIC-NIPGR, नई दिल्ली द्वारा डिज़ाइन किया गया है। अध्ययन का उद्देश्य यह जानना है कि अंतरिक्ष की सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण स्थिति में खाद्य माइक्रो-शैवाल की तीन विशेष किस्मों की वृद्धि और चयापचय कैसे प्रभावित होता है। यह शोध भविष्य के दीर्घकालिक अंतरिक्ष मिशनों के लिए पोषक आहार, अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग और CO₂ को ऑक्सीजन में बदलने जैसे महत्त्वपूर्ण पहलुओं पर उपयोगी साबित हो सकता है।
अन्य अंतरिक्ष यात्रियों का कैंसर और हेल्थ प्रोजेक्ट्स पर ध्यान
Axiom-4 क्रू की कमांडर पैगी व्हिटसन ने लो-अर्थ ऑर्बिट में कैंसर से संबंधित रिसर्च को आगे बढ़ाया। उन्होंने सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में कोशिकाओं की गतिविधियों की इमेजिंग की, जिससे यह जाना जा सके कि स्पेस में कैंसर कोशिकाएं कैसे व्यवहार करती हैं।
साथ ही, Neuro Motion VR Project के तहत अंतरिक्ष यात्रियों के दिमाग की कार्य प्रणाली पर डेटा एकत्र किया गया। इस प्रयोग में Functional Near-Infrared Spectroscopy तकनीक का इस्तेमाल करके देखा जा रहा है कि अंतरिक्ष की स्थिति मोटर कार्यों को किस प्रकार प्रभावित करती है।



