छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 21 दिनों से फरार चल रहे सूदखोर तोमर भाइयों की गिरफ्तारी अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आरोप है कि ये दोनों भाई आम लोगों को अवैध रूप से भारी ब्याज पर कर्ज देकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इनकी तलाश के लिए पुलिस ने अब जनता से सहयोग मांगते हुए इनाम की घोषणा की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तोमर बंधु ऐसे अपराधी हैं जो गंभीर और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की क्षमता रखते हैं। ऐसे व्यक्तियों का खुलेआम घूमना समाज के लिए खतरे की घंटी है। उन्हें जल्द से जल्द पकड़ने की आवश्यकता है ताकि और कोई बड़ी घटना न हो।
गिरफ्तारी में मददगार को इनाम देने की घोषणा कर पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस केस को हल्के में नहीं लिया जा रहा। जनता से अपील की गई है कि यदि किसी को तोमर भाइयों की कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी और उसे इनाम से सम्मानित किया जाएगा।
तोमर बंधुओं के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें ब्याजखोरी, धमकाना, और वसूली के हिंसक तरीके अपनाना शामिल है। इसके बावजूद वे लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर हैं, जो प्रशासन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
यह पूरा मामला राज्य में फैले अवैध सूदखोरी नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करता है, जिस पर नियंत्रण पाना अब प्रशासन की प्राथमिकता बन गई है। पुलिस की यह पहल ना केवल अपराधियों को पकड़ने का एक प्रयास है, बल्कि समाज को भी इन आर्थिक अपराधियों से सुरक्षित करने की दिशा में अहम कदम है।



