रायपुर/कोरिया/सूरजपुर। वन्यजीव सप्ताह 2026 के मौके पर गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व (GGTR) में वन्यजीवों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई पहल शुरू की गई है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में रिजर्व प्रबंधन ने सामान्य वन गश्त के साथ अब प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड की मदद से भी निगरानी शुरू कर दी है।
इस पहल के तहत टाइगर रिजर्व से लगे ग्रामीण इलाकों, स्थानीय बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में डॉग स्क्वाड के साथ लगातार गश्त की जा रही है। इसके जरिए वन्यजीव अपराधों पर नजर रखने और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
गांव और बाजारों तक पहुंची निगरानी
वन मंत्री केदार कश्यप के विजन के मुताबिक यह अभियान केवल जंगल तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे जंगल से जुड़े गांवों और आम लोगों तक भी पहुंचाया जा रहा है। बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में डॉग स्क्वाड की मौजूदगी से अवैध शिकार और वन्यजीव अंगों की तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही स्थानीय लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है, ताकि वे भी इस अभियान में अपनी भागीदारी निभा सकें।
आधुनिक संसाधनों से मजबूत होगी सुरक्षा
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ सरकार आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित संसाधनों और जनसहयोग को जोड़कर वन्यजीव संरक्षण को मजबूत कर रही है।
उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व में डॉग स्क्वाड की तैनाती इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शिकारियों को कड़ा संदेश
वन विभाग का मानना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। डॉग स्क्वाड की तैनाती से शिकारियों और वन्यजीव अपराधों से जुड़े लोगों को भी स्पष्ट संदेश मिलेगा कि जंगल के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।





