रायपुर में जीएसटी विभाग ने बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा है। अगस्त्य इंटरप्राइजेस के नाम पर 141.74 करोड़ रुपए की खरीदी-बिक्री दिखाकर 23.43 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) ली गई। जांच में सामने आया कि कई फर्में फर्जी या अस्तित्वहीन हैं, और दस्तावेजों में गड़बड़ी की गई है। जीएसटी अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने संचालक अमन अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, लाभांडी सिग्नेचर होम निवासी अमन अग्रवाल अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक हैं। विभाग की जांच में सामने आया कि कंपनी ने अलग-अलग फर्मों से खरीदी के बिल दिखाए और उनके आधार पर ITC का दावा किया। सत्यापन के दौरान कई दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली। इनमें 16 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम से किरायानामा बनाकर कारोबार दिखाने का मामला भी शामिल है।
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि भिलाई की हुसैनी इंटरप्राइजेस से अगस्त्य इंटरप्राइजेस ने 16.61 करोड़ रुपए की बिक्री और 2.99 करोड़ रुपए की ITC दिखाई। फर्म के पते के लिए फूल सिंह के नाम किरायानामा लगाया गया था। जीएसटी जांच में सामने आया कि फूल सिंह की वर्ष 2010 में ही मौत हो चुकी थी, जबकि किरायानामा 21 मार्च 2025 का बनाया गया था।
भिलाई में चूड़ी की दुकान चलाने वाले मोहम्मद इस्लाम ने अगस्त्य इंटरप्राइजेस से कारोबार और बैंक खाते में लेन-देन से इनकार किया। इंटरप्राइजेस के नाम पर 11.61 करोड़ रुपए की बिक्री और 2.08 करोड़ रुपए की ITC दिखाई गई। इसी तरह अंसारी ट्रेडर्स के नाम पर 30.71 करोड़ बिक्री और 5.52 करोड़ ITC, ललित ट्रेड लिंक पर 29.72 करोड़ बिक्री और 5.17 करोड़ ITC, अगस्त इंटरप्राइजेस पर 22.47 करोड़ बिक्री और 4.0 करोड़ ITC दिखाया गया।
जांच में विनायक वेंचर्स, महावीर इंटरप्राइजेस, यूनिक इंटरप्राइजेस समेत तीन अन्य कंपनियों के नाम पर भी ITC का दावा किया गया। कुल मिलाकर 141.74 करोड़ रुपए की फर्जी खरीदी-बिक्री दिखाकर 23.43 करोड़ रुपए की ITC ली गई। GST विभाग ने इसे गंभीर फर्जीवाड़ा मानते हुए पुलिस में शिकायत दी, जिसके बाद केस दर्ज हुआ है।





