मध्य प्रदेश में तबादलों को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को “ट्रांसफर उद्योग” में बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक महीने चले तबादला अभियान के दौरान “पैसा दो और पोस्टिंग लो” का खुला खेल चला, जहां हर पद और हर तबादले का कथित तौर पर रेट तय था।
कमलनाथ ने दावा किया कि यदि पूरे ट्रांसफर सीजन में हुए लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सैकड़ों करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे कर्मचारियों तक के तबादलों के लिए लाखों रुपये वसूले गए और सरकारी व्यवस्था को कमाई का माध्यम बना दिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए कहा कि मंत्री के स्टाफ से जुड़े कर्मचारी द्वारा RAEO के तबादले के लिए 2.5 लाख रुपये, वल्लभ भवन के कर्मचारी द्वारा नर्स के तबादले के लिए 5 लाख रुपये और ऊर्जा विकास निगम के कर्मचारी द्वारा 4.5 लाख रुपये की मांग किए जाने के दावे सामने आए हैं। उनके अनुसार जांच के दौरान चार मंत्रियों, एक विधायक और कई अधिकारियों-कर्मचारियों तक पहुंच बनाई गई थी।
कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में विकास और रोजगार के मुद्दे पीछे छूट गए हैं, जबकि भाजपा सरकार “ट्रांसफर उद्योग” को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में जुटी हुई है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।





